ऐ पिता तुझ- सा न कोई यहां (Ae Pita Tujhsa Na Koi Ya) | Hindi Father Poetry by Aaditya Mishra | Father's day special
ऐ पिता तुझ सा न कोई यहां ।
तूने मुझे दुनिया में लाया
तूने मुझे चलना सिखाया
हौसलों के पर लगाकर
उड़ना मुझे तूने सिखाया
ऐ पिता तुझ सा न कोई यहां ।
हर मंजिल पर साथ रहा तू
हर पथ पर अडिग रहा तू
जहां मैं गिरा वहां खड़ा कर
कम न कुछ पड़ने दिया तू
ऐ पिता तुझ सा न कोई यहां ।
डांट तेरी सीख रूप में
प्यार तेरा मस्ताना
तेरी ही शिक्षा के कारण
मैंने सही गलत का भेद जाना
ऐ पिता तुझ सा न कोई यहां ।
मैं क्या लिखूं तुझे
तूने मुझे लिखा है
तेरी ही रौशनी से
मुझे सही राह दिखा है
खुद पीछे खड़ा रहा
और कहा आगे बढ़ों तुम
बढे चलो तुम ,चले चलो तुम ,बढे चलो तुम ।।
ऐ पिता तुझ सा न कोई यहां ।
I love father
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