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राष्ट्रपति पर महाभियोग व प्रक्रिया (Impeachment)

                              अनुच्छेद-61 के अनुसार ‘संविधान का उल्लंघन’ करने पर राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है यद्यपि संविधान में यह शब्द परिभाषित नहीं है।                             महाभियोग का प्रस्ताव किसी भी सदन में (1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर पश्चात) लाया जा सकता है जिसकी लिखित सूचना राष्ट्रपति को 14 दिन पूर्व देनी होगी। पहले सदन से प्रस्ताव 2/3 बहुमत से पारित होने पश्चात दूसरे सदन में भेजा जाएगा।                            तत्पश्चात दूसरा सदन प्रस्ताव की जांच करता है जिस दौरान राष्ट्रपति स्वयं या प्रतिनिधि के माध्यम से पक्ष रख सकते हैं। यदि दूसरा सदन भी प्रस्ताव को 2/3 बहुमत से पारित कर दे तो उसी तिथि से राष्ट्रपति पद रिक्त हो जाएगा।                            इस प्रकार महाभियोग संसद की ...

चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य

                  समुद्रगुप्त का पुत्र चंद्रगुप्त द्वितीय जिसका शासनकाल 380- 412 ई. तक था, गुप्त वंश के महानतम सम्राटों में एक अत्यंत वीर, प्रतापी व योग्य शासक था। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपने बड़े भाई राम गुप्त द्वारा शकों के साथ अपमानजनक संधि का विरोध किया व सिंहासन पर आसीन हुआ।                    चंद्रगुप्त द्वितीय ने वैवाहिक- संबंध द्वारा राजनीतिक सुदृढ़ता को स्थापित किया। इसने नाग वंश की राजकुमारी कुबेरनागा से विवाह किया व उससे उत्पन्न पुत्री प्रभावती का विवाह वाकाटक नरेश रूद्रसेन द्वितीय से किया साथ ही उनका समर्थन प्राप्त कर गुजरात, काठियावाड़, मालवा से विदेशी शक्ति शकों को पराजित किया। इस कारण इन्हें ‘शकारी’ कहा गया व इस विजय के उपलक्ष्य में ‘विक्रमादित्य’ उपाधि धारण की। चंद्रगुप्त द्वितीय ने अपनी द्वितीय राजधानी उज्जैन को बनाया। इसके अलावा चंद्रगुप्त द्वितीय ने अपने पुत्र कुमारगुप्त का विवाह कदंब राजवंश में किया।                   ...

अशोक का धम्म

अशोक का धम्म उसके जीवन के अपने अनुभव व विभिन्न विचारकों की शिक्षाओं, विचारों से प्रेरित जीवन जीने का एक प्रभावशाली माध्यम था। इस नैतिक आचार संहिता का मुख्य उद्देश्य समस्त मानव का नैतिक उत्थान कर उनमें नवीन एकता, उत्तरदायित्व व बहुकल्याण की भावना विकसित कर शांति व सौहार्दपूर्ण संबंधों को विकसित करना था।                                  अपने द्वितीय स्तंभ लेख में अशोक स्वयं अपने प्रश्न ‘कियम् चु धम्मे’ ? अर्थात धम्म क्या है ? का उत्तर देते हुए कहता है कि - “ अपासिनवे बहुकथाने दया दाने सचे साचवे माधवे साधवे च ” । अर्थात अल्प पाप, अधिक लोगों का कल्याण, दया(करुणा), दान(उदारता) करना, सच बोलना, पवित्र रहना, मधुरता व सज्जनता बनाए रखना धम्म है।                                इसके अलावा कुछ कर्तव्य जैसे प्राणवान जंतुओं की हत्या न करना, जीवों की रक्षा करना, वृक्षों की सेवा, माता-पिता, गुरुजनों व साधुओं का सम्मान, छोटों का स्नेह आदि व...

दल परिवर्तन कानून (Anti-Defection Law)

प्रस्तावना 52वां संशोधन 1985 द्वारा संविधान के अनुच्छेद 101,102,190,191 में संशोधन व दसवीं अनुसूची जोड़ एक राजनीतिक दल से दूसरे दल में परिवर्तन के आधार पर निरर्हता संबंधी प्रावधान कर यह कानून पारित किया गया साथ ही 91वां संशोधन 2003 द्वारा 10वीं अनुसूची के उपबंधों में एक परिवर्तन किया अर्थात् अब विभाजन पर दल बदल के आधार पर अयोग्यता नहीं मानी जाएगी। उपबंध (मुख्य प्रावधान) किसी राजनीतिक दल का सदस्य सदन की सदस्यता हेतु निरर्हक होगा यदि - • स्वेच्छा से दल की सदस्यता त्याग दे। • दल के पक्ष के विपरीत सदन में मत दे या मतदान में अनुपस्थित रहे व दल से 15 दिन के अंदर  क्षमादान ना पाया हो। • निर्दलीय निर्वाचित सदस्य किसी दल में शामिल हो जाए। • 6 माह बाद कोई मनोनीत सदस्य किसी दल में शामिल हो जाए। अपवाद निम्न मामलों में लागू नहीं होगा यदि कोई सदस्य - • दल में विभाजन (अर्थात 2/3 सदस्य द्वारा नए दल का गठन) के कारण दल से बाहर हो गया हो किंतु 91वा संशोधन द्वारा असंवैधानिक धारा-3 समाप्त । • पीठासीन अधिकारी चुने जाने पर स्वेच्छा से दल से बाहर चला जाए या कार्यकाल बाद पुनः सदस्यता ग्रहण कर ले। ऐसी व्यवस...

उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution)

13 दिसंबर 1946 ई. को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पेश तथा 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से पारित उद्देश प्रस्ताव में संवैधानिक संरचना के ढांचे और दर्शन की झलक थी जो न केवल भारतीय संविधान के प्रस्तावना का आधार बनी बल्कि संविधान के स्वरूप को भी प्रेरित किया ।

मध्यप्रदेश नियुक्तियां

मध्यप्रदेश राज्यपाल - पहले - डॉ. पट्टाभि सीतारामैया                               वर्तमान - श्री मंगुभाई पटेल (25वे) मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता - पहले -   श्री एम. धर्माधिकारी                                     वर्तमान - श्री प्रशांत सिंह (19वें) मध्यप्रदेश हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश - पहले - मो. हिदायतुल्ला                                                  वर्तमान - जस्टिस रवि मलिमथ (27वे) मधयप्रदेश वित्त आयोग अध्यक्ष - पहले - डॉ. एस. सिसोदिया                                             वर्तमान - श्री हिम्मत कोठारी (5वे) मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग अध्यक्ष - पहले - एन. बी. लोहानी  ...

G20/G21 क्या है सम्पूर्ण जानकारी और G20 शिखर सम्मेलन 2023

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स्थापना - 1998-99 1‌) 1999 एशियाई वित्तीय संकट के बाद विभिन्न देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी। 2‌) 2007 में विश्वव्यापी आर्थिक और वित्तीय संकट के मद्देनजर जी20 को वित्त मंत्रियों के लेवल से ऊपर उठाकर हेड ऑफ़ स्टेट के लेवल का अर्थात् राष्ट्रप्रमुखों/शासनाध्यक्षों के स्तर का बना दिया गया और 2009 में इसे "अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग हेतु प्रमुख मंच" के रूप में नामित किया गया। ‌नोट :- इस समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है। शिखर सम्मेलन - ‌1) समूह का पहला शिखर सम्मेलन 2008 में वाशिंगटन डी.सी. (अमेरिका ) में हुआ था। ‌2) अब तक इसकी कुल 17 बैठकें हो चुकी हैं। भारत इसकी 18वीं बैठक (2023)की मेज़बानी कर रहा है। 2) जी-20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक क्रमिक अध्यक्षता में आयोजित किया जाता है। ‌नोट :- दरअसल, जी20 की अध्यक्षता का निर्णय ट्रोइका यानी एक तिकड़ी (जिसमें पिछले, वर्तमान और भविष्य के अध्यक्ष देश शामिल होते हैं) से तय होता है।           ...

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