G20/G21 क्या है सम्पूर्ण जानकारी और G20 शिखर सम्मेलन 2023

स्थापना - 1998-99

1‌) 1999 एशियाई वित्तीय संकट के बाद विभिन्न देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी।

2‌) 2007 में विश्वव्यापी आर्थिक और वित्तीय संकट के मद्देनजर जी20 को वित्त मंत्रियों के लेवल से ऊपर उठाकर हेड ऑफ़ स्टेट के लेवल का अर्थात् राष्ट्रप्रमुखों/शासनाध्यक्षों के स्तर का बना दिया गया और 2009 में इसे "अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग हेतु प्रमुख मंच" के रूप में नामित किया गया।

‌नोट :- इस समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है।


शिखर सम्मेलन -

‌1) समूह का पहला शिखर सम्मेलन 2008 में वाशिंगटन डी.सी. (अमेरिका ) में हुआ था।

‌2) अब तक इसकी कुल 17 बैठकें हो चुकी हैं। भारत इसकी 18वीं बैठक (2023)की मेज़बानी कर रहा है।

2) जी-20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक क्रमिक अध्यक्षता में आयोजित किया जाता है।

‌नोट :- दरअसल, जी20 की अध्यक्षता का निर्णय ट्रोइका यानी एक तिकड़ी (जिसमें पिछले, वर्तमान और भविष्य के अध्यक्ष देश शामिल होते हैं) से तय होता है।

                         भारत की अध्यक्षता के दौरान, ट्रोइका में क्रमशः इंडोनेशिया जो पिछली बार अध्यक्ष था, भारत जो अभी वर्तमान में अध्यक्ष है और ब्राजील जो अगला अध्यक्ष होगा, ये तीनों देश शामिल होंगे।

सदस्य देश - 

‌दक्षिण अफ्रीका, AU(अफ्रीकन यूनियन-2023 बैठक में शमिल)-(1+1)

ऑस्ट्रेलिया (1)

‌अर्जेंटीना, ब्राजील (2)

‌कनाडा, मैक्सिको, संयुक्त राज्य अमेरिका (3)

फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाईटेड किंगडम, EU(यूरोपियन यूनियन)- (4+1)

‌भारत, चीन, रूस, जापान, कोरिया गणराज्य, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, तुर्की (8)

                             इसके अलावा हर वर्ष अध्यक्ष देश, कुछ देशों और संगठनों को मेहमान के तौर पर भी आमंत्रित करता है. जैसे इस बार भारत ने बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशिस, नीदरलैंड्स, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और यूएई को बुलाया है।

नोट :- अब G20 को G21 कहा जाएगा।

विशेषताएं -

1) 19+1(EU)+1(AU) औद्योगिक और मजबूत देशों का समूह जो विश्व की लगभग 85% जीडीपी(सकल घरेलू उत्पाद), 80% वैश्विक व्यापार व दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करतें हैं।
2) G-7 के सभी सदस्य देश इस संगठन के भी सदस्य हैं।

महत्व -

1‌) अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच जी20 सभी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2) पहले केवल व्यापक आर्थिक सहयोग और वित्तीय स्थिरता जैसे आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित इस संगठन के एजेंडे में विस्तार करते हुए इसमें व्यापार, जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ व सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, और भ्रष्टाचार-विरोधी जैसे अन्य मुद्दे भी शामिल किए गए।

3‌) इसके सम्‍मेलन में लिया गए निर्णय से विश्व की इकोनॉमी आवश्यक रुप से प्रभावित होती है।

अन्य -

1‌) G20 में दो समानांतर ट्रैक होते हैं: वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक

2‌) वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक के गवर्नर वित्त ट्रैक का नेतृत्व करते हैं जबकि शेरपा ट्रैक का नेतृत्व शेरपा (जिसे सरकार शेरपा के तौर पर नियुक्त करती है)करते हैं जो नेताओं के निजी प्रतिनिधि होते हैं ।

3) दो ट्रैक के भीतर, विषयगत रूप से उन्मुख कार्य समूह हैं जिनमें सदस्यों के संबंधित मंत्रालयों के साथ-साथ आमंत्रित/अतिथि देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं (वित्त ट्रैक मुख्य रूप से वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में है)। ये कार्य समूह प्रत्येक अध्यक्षता के पूरे कार्यकाल में नियमित बैठकें करते हैं। शेरपा वर्ष के दौरान हुई वार्ता का पर्यवेक्षण,शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा पर चर्चा और G20 के मूल कार्य का समन्वय करते हैं।इसके अलावा, ये सम्पर्क समूह G20 देशों के नागरिक समाजों, सांसदों, विचार मचों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, व्यवसायों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाते हैं।

जी20 व भारत -

‌भारत पहली बार G20 की मेजबानी 9-10 सितंबर (2023) को दिल्ली(भारत मंडपम) में (18वां शिखर सम्मेलन) करने जा रहा है।


लोगो (LOGO)-

‌भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों - केसरिया, सफेद और हरे, एवं नीले रंग से प्रेरित, जिसमें भारत के राष्ट्रीय पुष्‍प कमल को पृथ्वी ग्रह के साथ प्रस्‍तुत किया गया है जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है। पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य है।

‌G20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में "भारत" लिखा है।

विषय (थीम) -

‌"वसुधैव कुटुम्बकम" या "एक पृथ्वी · एक कुटुंब · एक भविष्य"

‌विषय महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। जो सभी प्रकार के जीवन मूल्यों - मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव - और पृथ्वी एवं व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंधों की पुष्टि करता है।वैश्विक स्तर पर परिवर्तनकारी कार्यों के परिणामस्वरूप एक स्वच्छ, हरे-भरे और उज्जवल भविष्य का निर्माण,पर्यावरण की दृष्टि से व्यवहार्य और जिम्मेदार व्यवहार विकल्प अपनाने का आह्वान ताकि मानवता को अपेक्षाकृत स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य प्राप्त हो।

निष्कर्ष  -
                इस प्रकार प्रारंभ मे आर्थिक व वित्तीय मुद्दों पर स्थापित जी20 वर्तमान में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास आदि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को समेटे हुए चर्चा का एक ऐसा मंच है जिससे न केवल सदस्य देश अपितु अन्य देश भी प्रेरणात्मक रूप से प्रभावित होते है जो समृद्ध, समावेशी और विकसित समाज,मानव-केंद्रित दृष्टिकोण,वैश्विक विकास, प्रगति, एकता के साथ बेहतर उज्जवल भविष्य हेतु महत्वपूर्ण है।


                  लगभग दो-तिहाई आबादी वाले मंच जी20 की पहली बार अध्यक्षता करना भारत हेतु अनुभव व महान् उपलब्धि के साथ अमृतकाल की एक शुरुआत है साथ ही वैश्विक प्रमुख के रूप में अपनी बातों को बेहतर तरीके से रखकर अपनी ओर ध्यान खींचने तथा “वसुधैव कुटुम्बकम” के लक्ष्य को सरोकार करने के साथ अपनी महान् संस्कृति की पहचान विश्व धरातल पर रखने सुअवसर भी है।


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